Blockchain technology Kya hai? और कैसे काम करती हैं? पुरी जानकारी मिलेगी।

हम आज इस पोस्ट में जानेंगे और कैसे काम करती हैं? Blockchain technology एक most secure technology hai। आप बिटकॉइन जैसी Cryptocurrency को तो जानते होंगे। Bitcoin Blockchain technology‌ पर रन करती हैं। मतलब bitcoin cryptocurrency को safe and secure बनाने के लिए इसका निर्माण blockchain technology का use कर किया है। जिससे cryptocurrencky safe and trusted बन जाती हैं।
पहले हम Blockchain मिनिंग का मतलब समझते हैं। क्यों कि इसके नाम में ही इसका काम छिपा हुआ हैं। यह Block+chain नाम से बनता है। Block का मतलब आप एक डिब्बे के रूप में मान सकते हों।Chain  तो आप जानते हो, Chain एक-एक कड़ी से attach हो कर बनती हैं। यानी सारे डिब्बों को एक Chain के रुप में जोड़ दिया जाता हैं। और इन डिब्बों के अन्दर डाटा होता है। यह बहुत सारे कम्प्यूटर पर रन करती हैं। मतलब कि हम जो भी पे अपना डाटा स्टोर करें, तो वो बहुत सारे कम्प्यूटर इस डाटा को verified कर के Blockchain मे जोड़ लेते हैं। फिर वो डाटा सारे कम्प्यूटरों में शो होने लग जाता हैं। लेकिन जब एक बार जो डाटा जोड़ गया उसमें, किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकता हैं, ना इसे हैक किया जा सकता हैं। क्योंकि यह बहुत सारे कम्प्यूटरों से जुड़ा होता है तो कोई भी हैक करने का प्रयास करें तो वो एक साथ इतने सारे कम्प्यूटरों को हैक करने से डाटा में बदलाव नहीं किया जा सकता हैं।



जब कोई हैकर एक कम्प्यूटर में डाटा चेंज भी कर देगा तो बाकी के कम्प्यूटर उस कम्प्यूटर को हिल कर देंगे, यानी वापिस से उसे रिकवर कर देंगे।
किसी को हैक करने के लिए 51% कम्प्यूटरों को हैक करना होगा और यह नामुमकिन है। इस लिए इस Technology को इतनी secure and safe मानी जाती हैं। यह सिर्फ Cryptocurrency बनाने के रूप में काम नहीं आती हैं। इसके बहुत सारे uses हों सकते हैं। जैसे - क्लाउड स्टोरेज, पब्लिक रिकॉर्ड और लेण्ड डील आदि। हम इनके बारे में थोड़ा सा जानेंगे कि इनके अन्दर कैसे blockchain का use हो सकता है।
(1)क्लाउड स्टोरेज: स्टोरेज एक ओपन सोर्स क्लाउड स्टोरेज प्रोग्राम प्रोग्राम है, जो ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है जहां आप अपना एक्सच्रा हार्ड ड्राइव स्पेस बेंच सकते हैं ।

(2)पब्लिक रिकॉर्ड : सरकार के पास कई सारे रिकॉर्ड हैं जो फाइलों में बंद पड़े हैं। अक्सर इनके खोने या किसी कारण नष्ट होने के च्लते सरकार के लिए इनकी सुरक्षआ निश्चित करना मुश्किल हो जाता है। लिहाजा ब्लॉकचेन इसके लिए एक बड़ा सॉल्यूशल बन सकती हैं। सरकार डाटा को एनकोड करके डिडिटल लेजर पर अपलोड कर सकती है।

(3)लैंड डील में इस्तेमाल: ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके लैंड डील को सरल बनाया जा सकता है। इसके दौरान होने वाले डॉक्यूमेंट के काम को सेफ और आसान बनाने के लिए ब्लॉकचेन एक बड़ा मददगार साबित हो सकता है। तेलांगना और आंध्र प्रदेश लैंड डील के लिए इसका इस्तेमाल कर रही हैं।